Monday, August 17, 2020

अगर हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है तो तुरंत खाना शुरू कर दें ये 4 चीजें

 अगर हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है तो तुरंत खाना शुरू कर दें ये 4 चीजें

RAJIV DIXIT JI / 9 months ago


क्या आपको कभी अचानक चलने, उठने और बैठने से घुटनों, कूल्हे और कोहनी की हड्डियों की कट-कट की आवाज आई है? क्या यह हड्डियों से जुड़ी किसी गंभीर बीमारी के लक्षण हैं? बहुत से लोगों को लगता है कि इस प्रकार की आवाज आने का मतलब है कि हड्डियां कमजोर हो चुकी हैं। कई बार लोग इसे जोड़ो से जुड़ा रोग समझ लेते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि हड्डियों में आने वाली इस तरह के आवाज का क्या मतलब है और इसके क्या नुकसान हैं।

जोड़ों में इसलिए आती है आवाज

जोड़ों से आने वाली आवाज को मेडिकल भाषा में क्रेपिटस कहा जाता है। क्रेपिटस सामान्य लोगों के जोड़ों को हिलाने-डुलाने पर आने वाली ध्वनि का मेडिकल नाम है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जोड़ों के भीतर रहने वाले द्रव में हवा के छोटे बुलबुले फूटते हैं। इन्हीं बुलबुलों के फूटने से यह आवाज पैदा होती है। कई बार जोड़ों के बाहर मौजूद मांसपेशियों के टेंडन या लिगामेंट्स की रगड़ से भी आवाज सुनाई देती है।

ऑस्टियोआर्थराइटिस का संकेत

बच्चों की हड्डियों में आने वाली आवाज से न डरें

अगर किसी बच्चे या किशोरावस्था में हड्डियों से कट-कट की आवाज आ रही है और उसकी हड्डियों में कोई दर्द या परेशानी का अनुभव नहीं हो रहा है तो परेशानी की कोई बात नहीं है। इसका मतलब यह नहीं कि बच्च्चे की हड्डियां कमजोर हैं या उसके शरीर में कैल्शियम की कमी है। हड्डियों से कट-कट की आवाज आने का मतलब है कि उसकी हड्डियों में वायु अधिक है। इस वजह से हड्डियों के जोड़ों में एयर बबल्स बनते हैं। और टूटते हैं। जिसकी वजह से हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है।

हड्डियों की आवाज से ऐसे पायें छुटकारा

मेथी का दाने

अगर आपको अक्सर यह समस्या होती है, तो जैसा हमने बताया यह गठिया का या हड्डियों के जोड़ों में लुब्रिकेंट की कमी का संकेत हो सकते हैं। इसलिए इससे समय पर राहत पाना बहुत जरूरी है। इसके लिए आप कई घरेलू उपाय ट्राई कर सकते हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए रात को आधा चम्मच मेथी दाना पानी में भिगो दें और सुबह मेथी दानों को चबा-चबा कर खाएं। उसके बाद पानी पी लें। इससे हड्डियों के बीच एयर बबल्स की समस्या खत्म हो सकती है।

दूध, गुड़ और चने

कई बार आवाज आने के मतलब हड्डियों के जोड़ों में लुब्रिकेंट की कमी का संकेत हो सकता है। अक्सर देखा जाता है कि ज्यादा उम्र के लोगों की हड्डियों से कट-कट की आवाज आती है और दर्द होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए और कैल्शियम की पूर्ति के लिए हल्दी वाले दूध का सेवन जरूर करें। इसके अलावा दिन में एक बार गुड़ और भुने हुए चने जरूर खाएं। इससे हड्डियों की कमजोरी दूर हो जाएगी।

Friday, August 14, 2020

वजन कम करना है तो इन चाय का सेवन करे – Fat Burning Process को तेज कर देंगी।

 वजन कम करना है तो इन चाय का सेवन करे – Fat Burning Process को तेज कर देंगी

RAJIV DIXIT JI / 10 months ago


अगर आप पेट की चर्बी या बढ़ते हुए वजन से परेशान है तो अपनी डाइट में कुछ ऐसे ड्रिंक्स शामिल करें जिससे फैट बर्निंग की प्रोसेस तेज होती है. महर्षि आयुर्वेदिक हॉस्पिटल की डॉ. भानु शर्मा बता रही हैं ऐसे ही 10 चाय के बारे में. उनके अनुसार पेट की चर्बी कम करने के लिए बिना शक्कर डाले चाय पिएं। चाहें तो शक्कर के बजाय 1 चम्मच शहद यूज कर सकते हैं.

ऐसी ही 10 चाय जो फैट बर्न करती है >>


1- जीरे की  चाय : इसमें कैलोरी की मात्रा  कम होती है जो वज़न कम करके वेट लॉस में मददगार है.

कैसे बनाये – गरम पानी में जीरा डालकर उबाल ले. अब शहद या नींबू का रस डालकर पिएं .


2- कालीमिर्च की  चाय : इसमें मौजूद पाईपेरीन फैट बर्न करने में फायदेमंद है.

कैसे बनाये – कालीमिर्च, अदरक को गर्म पानी में डालकर पांच मिनट तक उबालें. अब इसे छान लें. इसमें शहद या नींबू का रस मिलाकर सर्व करे .


3- दालचीनी चाय : इसमें मौजूद पॉलीफेनौल्सबर्न करके वज़न घटाते है.

कैसे बनाएं – उबलते पानी में चाय की पत्ती, दालचीनी पाउडर और दूध डालें. इसे पांच मिनट तक उबाले और छानकर पिएं.


4- लेमन टी : इसमें डी लेमोनेन होता है जो बैली फैट को कम करने में फायदेमंद है.

कैसे बनाये – पानी में चाय की पत्ती, निम्बू का रस और दालचीनी डालकर उबालें. अब चाय को छानकर सर्व करे.


5- ब्लैक टी : इसमें मौजूद पॉलीफेनौल्स फैट कम करके लॉस में मददगार है.

कैसे बनाये – पानी को उबालकर उसमे चाय की पत्ती डाले. इसे कुछ देर तक उबालकर छान ले और सर्व करें.


6- पुदीने की चाय : इसमें मेथौल होता है जो फैट सेल्स को कम करने में फायदेमंद है.

कैसे बनाये – गर्म पानी में पुदीने के पत्ते डालकर दस मिनट तक उबले. अब इसे छानकर पिएं.


7- अजवाइन की चाय : इसमें राइबोफ्लोविन होए है जो फैट बर्न करने में इफेक्टिव है.

कैसे बनाये – गर्म पानी में अजवाइन, सौंफ इलायची और अदरक डालकर पांच मिनट तक उबाल लें. इसे छानकर पिएं.


8- ग्रीन टी : इसमें कैटचीन होता है जो फैट सेल्स को कम करके पेट की चर्बी घटाता है.

कैसे बनाये – एक कप गर्म पानी में ग्रीन टी बैग्स डाले. इसे दो मिनट बाद निकाल ले और पिएं.


9- जिंजर टी : इसमें एंटी इम्फ्लेमेटरी गुण होते है जो वज़न कम करने में फायदेमंद है.

कैसे बनाये – पानी को गर्म करके उसमे अदरक के टुकड़े, तुलसी की पत्तियों को डालकर पांच मिनट तक उबाले. इसे छान ले और शहद मिलाकर पिए.


10- तुलसी की चाय : इसमे फाइटोन्युत्रिंट्स होते है जो फैट सेल्स को खत्म करने में मदद करते है

कैसे बनाए – गर्म पानी में चाय की पट्टी, दुष, अदरक का टुकड़ा और तुलसी के पत्ते मिलाकर उबाल ले. इसे छानकर पिए.


Tuesday, August 11, 2020

ये दुनिया की सर्वोतम औषधि है, Indian Army भी इसे इस्तेमाल करती है

 ये दुनिया की सर्वोतम औषधि है, Indian Army भी इसे इस्तेमाल करती है

RAJIV DIXIT JI / 10 months ago


गेंदे का फूल जिसको मराठी में जेंडू कहते है. गेंदे के फूल को दुनिया में सर्वोतम ओषधि में गिना जाता है, ये बहुत ही अच्छी ओषधि है, इसमे इतनी ताकत है कि ये गंभीर से गंभीर चोट को भी ठीक कर देता है. आपको याद होगा कि अभी थोड़े समय पहले कारगिल का युद्ध हुआ, उस कारगिल युद्ध में भारत में 680 सैनिक शहीद हुए और 1200-1300 सैनिक घायल हुए थे. इनमे किसी को गोली लगी थी, किसी को बम लगा था जिसके परिणाम सवरूप सबको बहुत ज्यादा घाव हो गए थे.

आप किसी भी मिलट्री हॉस्पिटल में जायेंगे तो आप देखेगे कि जिन सैनिको को गोली आदि से घाव होते है उनको वहा के डॉक्टर यही गेंदे के फूल का रस सैनिको को दिया जाता है. और उनके घाव पर गेंदे के फूल की चटनी बनाकर उसको घाव पर लगाया जाता है, इस गेंदे के फूल की चटनी को अगर घाव पर लगाया जाए तो बड़े से बड़ा घाव ठीक हो सकता है. और अगर आप ये गेंदे का रस साथ में पीने को दिया जाए तो घाव और जल्दी ठीक होता है.

कारगिल युद्ध में जितने भी भारतीय सैनिक घायल हुए थे, या जिनको चोंटे आई थी उन सबको यही इलाज दिया गया था, और इसके बहुत अच्छे परिणाम आए थे. इस गेंदे के फूल को हमसे अपने घर में रखे. आजकल तो घर के गमले में भी लोग गेंदे के फूल का पौधा लगाने लगे है, आप भी लगा लीजिए. ये फूल किसी भी प्रकार की चोंट में अद्बुत काम करता है. गेंदे का फूल दुनिया का सबसे बड़ा एंटीसेप्टिक है. इससे अच्छा एंटीसेप्टिक पूरी दुनिया में कोई नहीं है.

और अगर आप गेंदे के फूल की चटनी और कच्ची हल्दी के रस को आपस में मिलाए तो ये बिलकुल सोने पे सुहागे जैसा हो जाता है. बहुत ही अद्बुत कोम्बीनेशन है गेंदे के फूल और हल्दी का, ख़राब से ख़राब घाव हो या पूरा शरीर सड गया हो उसपर पर लगा दीजिये बहुत ही अच्छे रिजल्ट देगा. राजीव भाई ने इस दवा का उपयोग कोड़ीयों पर किया था, कोड़ी तो आप समझते ही होंगे जिनका शरीर घलना शुरू हो जाता है. उनके शरीर के गले हुए अंगो पर जब राजीव भाई ने इसको लगाया तो उनका शरीर गलना बंद हो गया और धीरे धीरे ठीक हो गया.

गेंदे के फूल का सबसे बड़ा उपयोग ये है कि शरीर के बाहर किसी भी तरह का घाव या चोट हो, गोली लग गई हो, बम लग गया हो, एक्सीडेंट हो गया हो, उसके घाव को जल्दी भरना हो उसकी सबसे अच्छी ओषधि ये गेंदे का फूल है.

विडियो में देखिए इसको कैसे प्रयोग किया जाता है >>

मित्रो कई बार चोट लग जाती है और कुछ छोटे बहुत ही गंभीर हो जाती है। और अगर किसी डाईबेटिक पेशेंट( शुगर का मरीज ) है और चोट लग गयी तो उसका सारा दुनिया जहां एक ही जगह है, क्योंकि जल्दी ठीक ही नही होता है। और उसके लिए कितनी भी कोशिश करे डॉक्टर को हर बार सफलता नहीं मिलती और अंत में वो चोट धीरे धीरे गैंग्रीन (अंग का सड़ जाना) में कन्वर्ट हो जाती है।

और फिर वो अंग काटना पड़ता है, उतने हिस्से को शरीर से निकालना पड़ता  ऐसी परिस्तिथि में एक औषधि है जो गैंग्रीन को भी ठीक करती है और Osteomyelitis (अस्थिमज्जा का प्रदाह) को भी ठीक करती है। गैंग्रीन माने अंग का सड़ जाना, जहाँ पर नई कोशिकाएं विकसित नही होती । न तो मांस में और न ही हड्डी में !और सब पुरानी कोशिकाएं भी मरती जाती है । इसी का एक छोटा भाई है Osteomyelitis इसमें भी कोशिका कभी पुनर्जीवित नही होती

जिस हिस्से में ये होता है वहाँ बहुत बड़ा घाव हो जाता है और वो ऐसा सड़ता है के डॉक्टर कहता है की इसको काट के ही निकलना है और कोई दूसरा उपाय नही है।। ऐसे परिस्थिति में जहां शरीर का कोई अंग काटना पड़ जाता हो या पड़ने की संभावना हो, घाव बहुत हो गया हो उसके लिए आप एक औषधि अपने घर में तैयार कर सकते है।

औषधि है देशी गाय का मूत्र लीजिये (सूती के आठ परत कपड़ो में छान लीजिये) हल्दी लीजिये और गेंदे के फूल लीजिये । गेंदे के फुल की पीला या नारंगी पंखरियाँ निकलना है, फिर उसमे हल्दी डालकर गाय मूत्र डालकर उसकी चटनी बनानी है। अब चोट का आकार कितना बढ़ा है उसकी साइज़ के हिसाब से गेंदे के फुल की संख्या तय होगी, अगर चोट छोटे एरिया में है तो एक फुल, काफी है चोट बड़ी है तो दो, तीन,चार अंदाज़े से लेना है।

इसकी चटनी बना के इस चटनी को लगाना है जहाँ पर भी बाहर से खुली हुई चोट है जिससे खून निकल जुका है और ठीक नही हो रहा। कितनी भी दवा खा रहे है पर ठीक नही हो रहा, ठीक न होने का एक कारण तो है डाईबटिस या दूसरा कोई जैनेटिक कारण भी हो सकते है।

इसको दिन में कम से कम दो बार लगाना है जैसे सुबह लगाके उसके ऊपर रुई पट्टी बांध दीजिये ताकि उसका असर बॉडी पे रहे; और शाम को जब दुबारा लगायेंगे तो पहले वाला धोना पड़ेगा ! इसको गोमूत्र से ही धोना है डेटाल जैसो का प्रयोग मत करिए, गाय के मूत्र को डेटाल की तरह प्रयोग करे। धोने के बाद फिर से चटनी लगा दे। फिर अगले दिन सुबह कर दीजिये।

यह इतना प्रभावशाली है इतना प्रभावशाली है के आप सोच नही सकते देखेंगे तो चमत्कार जैसा लगेगा। यहाँ आप मात्र post पढ़ रहे लेकिन अगर आपने सच मे किया तब आपको इसका चमत्कार पता चलेगा !इस औषधि को हमेशा ताजा बनाके लगाना है। किसी का भी जखम किसी भी औषधि से ठीक नही हो रहा है तो ये लगाइए। जो सोराइसिस गिला है जिसमे खून भी निकलता है, पस भी निकलता है उसके लीजिये भी यह औषधि पूर्णरूप से ठीक कर देती है।

अकसर यह एक्सीडेंट के केस में खूब प्रयोग होता है क्योंकि ये लगाते ही खून बंद हो जाता है। ऑपरेशन का कोई भी घाव के लिए भी यह सबसे अच्छा औषधि है। गिला एक्जीमा में यह औषधि बहुत काम करता है, जले हुए जखम में भी काम करता है।

Monday, August 10, 2020

पेट की चर्बी घटाने का नं. 1 आयुर्वेदिक फॉर्मूला, घर पर ही बनाएं आसानी से

 पेट की चर्बी घटाने का नं. 1 आयुर्वेदिक फॉर्मूला, घर पर ही बनाएं आसानी से

RAJIV DIXIT JI 


बॉडी में जमा एक्स्ट्रा चर्बी के कारण लुक तो बिगड़ता ही है, कई हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं। एक बार बॉडी में जमा हो जाने पर इस चर्बी को आसानी से हटाना संभव नहीं, रेग्युलर फैट बर्निंग एक्सरसाइज के साथ अगर कुछ आयुर्वेदिक फॉर्मूलों का इस्तेमाल किया जाए तो इससे बॉडी की चर्बी तेजी से घटती है और कुछ ही दिनों में फर्क नजर आने लगता है तेजी से फैट घटाने का ऐसा ही एक आयुर्वेदिक फॉर्मूला इसे आसानी से घर पर ही बनाया जा सकता ह। इसके और भी हेल्थ बेनिफिट्स हैं

जरुरी सामग्री – हल्दी 100gm, दालचीनी 100gm, मैथीदाना 200gm, काला जीरा 100gm, सौंठ 50gm,  कलौंजी 100gm, काली मिर्च 20gm


बनाने का तरीका – इन सभी चीजों को मिक्सी में पीसकर पाउडर बना लें इस पाउडर को एक साफ़ कांच की शीशी में भरकर रख लें

कैसे लें – गुनगुने पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं उसके साथ एक चम्मच यह पाउडर सुबह श्याम खाने से पहले लें


पाउडर के फायदे

मोटापा घटेगा – इस पाउडर को रेगुलर लेने से बॉडी में जमा एक्स्ट्रा फट धीरे धीरे घुलकर निकल जाता है मोटापा घटता है


डाईबिटिज से बचाव – यह फार्मूला बॉडी में शुगर लेवल बैलेंस रखता है और बड़ी हुयी शुगर को नॉर्मल करके डाईबिटिज से बचाता है


स्किन होगी ग्लोविंग – इससे बॉडी में मोजूद टोक्सिंस निकल जाते है स्किन अच्छी होती है साधारण बिमारियों से बचाव होता है


एंटी एजिंग – इस फोर्मुले में मोजूद एंटी ऑक्सीडेंट तत्व बुढ़ापे की प्रोसेस को स्लो करते है लम्बे समय तक यंग दिखते है


हेल्दी लीवर और किडनी – इससे लीवर और किडनी पर बोझ डालने वाले टोक्सिक पदार्थ बॉडी से निकल जाते और यह टोक्सिक पदार्थ बॉडी से निकल जाते है और यह ऑर्गन हेल्दी रहते हैं


बेहतर डाईजेशन – इस फार्मूला से डाईजेशन बेहतर होता है गैस,कब्ज, एसिडिटी, खट्टी, डकार, जैसी प्रॉब्लम दूर होती है


आपको पथरी हैं या नहीं ! बगैर जांच घर पर ही ऐसे पता लगाएं RAJIV DIXIT JI

आपको पथरी हैं या नहीं ! बगैर जांच घर पर ही ऐसे पता लगाएं

RAJIV DIXIT JI 


पथरी जिसे किडनी स्टोन भी कहा जाता हैं आज के दौर की सबसे कामन समस्यां हैं. पानी की कमी, गलत खान पान, अस्त व्यस्त लाइफ स्टाइल कुछ ऐसी वजहें हैं जिनके चलते किडनी में पथरी की समस्यां हो जाती हैं. यदि पथरी छोटी हो तो इलाज से ही निकल जाती हैं लेकिन यह आकार में बड़ी हो तो फिर ऑपरेशन की नौबत आ जाती हैं. पथरी होने से किडनी के डेमेज होने का खतरा भी बड़ जाता हैं. इसलिए जितना जल्दी हो सके इसका इलाज शुरू कर देना चाहिए.

कई बार आपके शरीर में पथरी के लक्षण पहले से ही दिखाई देने लगते हैं. लेकिन लोगो को इस बारे में जानकारी नहीं होती हैं और फिर जब पथरी बहुत बड़ी हो जाती हैं तब जाकर उन्हें इसका पता चलता हैं. आपके साथ भी ऐसा ना हो इसलिए हम आज आपको पथरी होने के कुछ ऐसे लक्षण बताएंगे जिनसे आप इस बिमारी के बड़े होने से पहले ही अंदेशा लगा पाएंगे और सही समय पर इसका इलाज करा पाएंगे.

पथरी होने के लक्षण

पेशाब में दिक्कत

यदि पेशाब करते समय आपको दर्द होता हैं या किसी प्रकार की जलन होती हैं तो ये पथरी होने का संकेत हो सकता हैं.

कमर दर्द

पथरी का दर्द आम कमर दर्द से हट के होता हैं. ये अधिकतर कमर के नीचले हिस्से में होता हैं और इसमें एक चुभन का एहसास होता हैं. यह दर्द काफी भयानक हो सकता हैं. ऐसा कहा जाता हैं कि कुछ मामलो में पथरी में होने वाला दर्द महिला के लेबर पेन से भी ज्यादा होता हैं.

पेशाब में खून

कई बार पथरी आकार में बड़ी होती हैं और जब ये यूरिन के जरिए बाहर निकलने की कोशिश करती हैं तो आपके अंगो को डेमेज कर देती हैं जिसकी वजह से पेशाब में खून आने लगता हैं. यदि आपको इस तरह के लक्षण दिखते हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए.

पेशाब में गंध

जिन लोगो को पथरी होती हैं उनके यूरिन में खतरनाक बदबू आती हैं.

बैठने में दिक्कत

जब किसी को पथरी होती हैं तो उसे एक जगह बिना हीले धुले बैठने में दिक्कत होती हैं. इसकी वजह कमर में होने वाला दर्द होता हैं जो पीड़ित व्यक्ति को सीधा नहीं बैठने देता हैं.

बुखार और ठण्ड

कुछ मामलो में मरीज को बार बार ठण्ड लगती हैं और फिर बुखार भी आ जाता हैं. ऐसे संकेत पथरी होने के हो सकते हैं.

यदि आपको इनमे से कोई भी संकेत दिखाई देते हैं तो रिस्क ना ले और सीधा डॉक्टर के पास जाकर अपना शक दूर कर ले. एक बात हमेशा याद रखना पथरी का इलाज जितना जल्दी हो उतना ही अच्छा होता हैं. आगे जानिए पथरी का इलाज.

पथरी का इलाज 

आयुर्वेदिक इलाज :- 

सबसे पहले कुछ परहेज ! मित्रो जिसको भी शरीर मे पथरी है वो चुना कभी ना खाएं ! (काफी लोग पान मे डाल कर खा जाते हैं ) क्योंकि पथरी होने का मुख्य कारण आपके शरीर मे अधिक मात्रा मे कैलशियम का होना है | मतलब जिनके शरीर मे पथरी हुई है उनके शरीर मे जरुरत से अधिक मात्रा मे कैलशियम है लेकिन वो शरीर मे पच नहीं रहा है वो अलग बात हे| इसलिए आप चुना खाना बंद कर दीजिए.  पखानबेद नाम का एक पौधा होता है ! उसे पथरचट भी कुछ लोग बोलते है ! उसके 10 पत्तों को 1 से डेड गिलास पानी मे उबाल कर काढ़ा बना ले ! मात्र 7 से 15 दिन मे पूरी पथरी खत्म !! और कई बार तो इससे भी जल्दी खत्म हो जाती !!! आप दिन मे 3 बार पत्ते 3 पत्ते सीधे भी खा सकते हैं !

होमियोपेथी इलाज :-

अब होमियोपेथी मे एक दवा है ! वो आपको किसी भी होमियोपेथी के दुकान पर मिलेगी उसका नाम हे BERBERIS VULGARIS ये दवा के आगे लिखना है MOTHER TINCHER ! ये उसकी पोटेंसी हे| वो दुकान वाला समझ जायेगा| यह दवा होमियोपेथी की दुकान से ले आइये| (स्वदेशी कंपनी SBL की बढ़िया असर करती है).  (ये BERBERIS VULGARIS दवा भी पथरचट नाम के पोधे से बनी है बस फर्क इतना है ये dilutions form मे हैं पथरचट पोधे का botanical name BERBERIS VULGARIS ही है )

अब इस दवा की 10-15 बूंदों को एक चौथाई (1/ 4) कप गुण गुने पानी मे मिलाकर दिन मे चार बार (सुबह,दोपहर,शाम और रात) लेना है | चार बार अधिक से अधिक और कमसे कम तीन बार|इसको लगातार एक से डेढ़ महीने तक लेना है कभी कभी दो महीने भी लग जाते है | इससे जीतने भी stone है ,कही भी हो गोलब्लेडर gall bladder )मे हो या फिर किडनी मे हो,या युनिद्रा के आसपास हो,या फिर मुत्रपिंड मे हो| वो सभी स्टोन को पिगलाकर ये निकाल देता हे|

99% केस मे डेढ़ से दो महीने मे ही सब टूट कर निकाल देता हे कभी कभी हो सकता हे तीन महीने भी हो सकता हे लेना पड़े|तो आप दो महीने बाद सोनोग्राफी करवा लीजिए आपको पता चल जायेगा कितना टूट गया है कितना रह गया है | अगर रह गया हहै तो थोड़े दिन और ले लीजिए|यह दवा का साइड इफेक्ट नहीं है |

और यही दवा से पित की पथरी (gallbladder stones ) भी ठीक हो जाती है ! जिसे आधुनिक डाक्टर पित का कैंसर बोल देते हैं ! ये तो हुआ जब stone टूट के निकल गया अब दोबारा भविष्य मे यह ना बने उसके लिए क्या??? क्योंकि कई लोगो को बार बार पथरी होती है |एक बार stone टूट के निकल गया अब कभी दोबारा नहीं आना चाहिए इसके लिए क्या ???

इसके लिए एक और होमियोपेथी मे दवा है CHINA 1000| प्रवाही स्वरुप की इस दवा के एक ही दिन सुबह-दोपहर-शाम मे दो-दो बूंद सीधे जीभ पर डाल दीजिए|सिर्फ एक ही दिन मे तीन बार ले लीजिए फिर भविष्य मे कभी भी स्टोन नहीं बनेगा| और एक बात इस BERBERIS VULGARIS से पीलिया jaundice भी ठीक होता है ! आपने पूरी post पढ़ी बहुत बहुत धन्यवाद !!

Sunday, August 9, 2020

सावधान! रंग गोरा करने के नाम पर बेचीं जा रही हैं “पाकिस्तानी क्रीम्स”, बन सकते हैं रोगी 10 Aug 2020

10 Aug 2020

 सावधान! रंग गोरा करने के नाम पर बेचीं जा रही हैं “पाकिस्तानी क्रीम्स”, बन सकते हैं रोगी


रंग गोरा करना आज की युवा पीढ़ी की आम समस्या बन चुका है. हर कोई खुद को बेहतरीन दिखाने की इस दौड़ में भाग रहा है. इसके लिए लोग महंगी से महंगी क्रीम्स और ब्यूटी ट्रीटमेंट करवाने से भी कन्नी नहीं कतराते. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सभी ब्यूटी प्रोडक्ट्स में कईं प्रकार के हानिकारक एसिड्स का इस्तेमाल किया जाता है. जोकि कुछ समय तक त्वचा की रंगत में निखार आवश्य ले आते हैं मगर आगे चल कर हमे त्वचा संबंधित कईं तरह के रोग घेर लेते हैं.


दुनिया के 70 फीसदी लोग क्रीम्स टीवी पर आने वाले एक्टर्स के विज्ञापन को देख कर खरीदते हैं. इन सभी विज्ञापनों में झट से गोरा रंग करने वाला असर दिखाया जाता है जोकि लोगों के साथ किया जाने वाला दिमागी खिलवाड़ है.  रंग गोरा करने वाली अधिकतर क्रीम पाकिस्तान से मंगवाई जा रही है जोकि आपको गोरा करने की बजाय हमेशा के लिए रोगी बना सकती हैं.


हमारे भारत ही नहीं बल्कि देश और दुनियाभर में रंग गोरा करने के नाम पर ज़हर बेचा जा रहा है. रंगत निखारने के नाम पर लोग सरेआम मौत की सामग्री बेच रहे हैं. बता दें कि अधिकतर फेस क्रीम्स में पारा यानी मरकरी का इस्तेमाल किया जा रहा है जोकि सरकार द्वारा प्रतिबंधित है लेकिन फिर भी हर जगह इन क्रीम्स को आसानी से बेचा जा रहा है.

शोध में आये यह परिणाम सामने

हाल ही में फेस क्रीम्स पर 12 देशों के मर्क्युरी प्रदूषण पर काम करनेवाली संस्था ग्लोबल अलायंस ऑफ एनजीओ फॉर जीरी मर्कियुरी वर्किंग ग्रुप ने रिसर्च की. इस शोध में उन्हें स्टडी के लिए 158 स्कीन लाइटिंग क्रीम के सैंपल लिए गए, जिनमें से 95 सैंपल में मर्क्युरी की मात्रा 40 पीपीएम से 113000 पीपीएम के तक थी. इन सैम्पल में से भारत में कलेक्ट की गई स्कीन लाइटनिंग क्रीम में मर्क्युरी अलार्मिंग लेवल 48 पीपीएम से 113000 पीपीएम तक पाया गया जो कि सरकार द्वारा तय की गई लिमिट यानि 1 पीपीएम (प्रति मिलियन) से कई ज्यादा है.

पूरे एशिया में बनते हैं ये क्रीम्स

शोध के दौरान टीम ने भारत से भी स्किन लाइटनिंग क्रीम्स के सैम्पल मंगवाए थे. इनके सैम्पल ऑनलाईन पोर्टल और दुकान से डायरेक्ट कलेक्ट किए गए थे, जिनमें से अमेजन से क्रीम के 9 सैंपल, फ्लिपकार्ट से 2 सैंपल और गफ्फार मार्केट से 5 सैंपल लिए गए. शोध से पता चला कि अधिकतर स्किन लाइटनिंग प्रोडक्ट्स एशिया में ही बनाये जा रहे हैं.

इस रिपोर्ट के अनुसार टीम ने पाकिस्तान में 62 फीसदी, थायलैंड में 19 फीसदी और चीन में 13 फीसदी आंकड़ा पाया. बता दें कि इन सभी 12 देशों में 158 सैंपल टेस्ट किए गए थे जिनमें से 60 फीसदी प्रोजक्ट में पारा की तय की गयी मात्र से मानक 1 पीपीएम से कहीं ज्यादा पाई गई. वहीँ हमारे भारत से 16 स्कीन लाइटनिंग प्रोडक्ट को टेस्ट किया गया है जिसके आंकड़े निम्नलिखित पाए गये-

– अमेजन से 10 सैंपल खरीदे गए थे जिनमें पारे की मात्रा 46.95 पीपीएम से 113833.33 पीपीएम थी.
– गफ्फार मार्केट से 4 सैंपल खरीदे गए जिनमें पारे की मात्रा 48.17पीपीएम से 110000 पीपीएम थी.
– फ्लिपकार्ट से खरीए गए 2 सैंपल में मरकरी की मात्रा 65 पीपीएम से 10000 पीपीएम थी.
– मरकरी की मात्रा 48 पीपीएम से 113000 पीपीएम के बीच होना तय मानक 1 पीपीएम से कहीं ज्यादा थी.

मर्क्युरी से हो सकता है स्किन कैंसर

मरकरी एक तरह का न्यूरोटॉक्सिन है जो कि हमारी किडनी, लिवर और गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचाता है. रिसर्च में पाया गया कि पारा यानी मरकरी स्किन पर लगाने से स्किन कैंसर की मुख्य वजह भी बन सकता है.

Source -

https://rajivdixitji.com/mercurial-skin-lightening-cream-effects-on-skin/