क्यों जरूरी है आमिर खान का #Boycott: दंगल फ़िल्म में ‘चिकन’ खाने का Scene जानबूझकर डलवाया, जबकि पहलवान शुद्ध शाकाहारी होते हैं..
हिन्दू विरोधी एजेंडे के सर्वेसर्वा आमिर खान को अब जंजालों में उलझकर जीना पड़ रहा है। देश मे डर की बात कहने वाला आमिर खान अब देश से प्यार करने की बात करने लगा है। आमिर खान #Boycottlaalsinghchadda से इतना घबरा गया है कि अब मीठी लुभावनी बात करके देशवासियो को बहकाने की कोशिश कर रहा है ताकि उसकी फ़िल्म चल जाए।
इससे पहले ‘दंगल'(Dangal) फ़िल्म (Film) में आमिर खान ने जानबूझकर हिन्दू भावनाओ को आहत करने का काम किया था। दंगल फिल्म में आमिर खान ने पहलवान महावीर फोगाट का रोल निभाया था और जानबूझकर उसमें आमिर खान ने नॉनवेज फूड खाया और यह दिखाया कि ताकत नॉनवेज खाने से आती है जबकि अखाड़े का कोई भी पहलवान नॉनवेज फूड नहीं खाता है वह सभी शुद्ध शाकाहारी होते हैं महावीर फोगाट ने भी इस मुद्दे पर आपत्ति जताई थी।
पहलवान महावीर फोगाट के परिवार में उनकी बेटी बबीता फोगाट और गीता फोगाट में से कोई भी नॉनवेज फूड नहीं खाते थे वे सभी शुद्ध शाकाहारी थे इसके बावजूद आमिर खान ने दंगल फिल्म में चिकन का सीन जानबूझकर डलवाया और नॉन वेज खाने को प्रमोट किया। आमिर खान के ये सभी काम दिखाते हैं कि वह अपनी सोच से बेहद जहरीला इंसान है जो मुस्कुराकर और शांत रहकर एक कड़क एजेंडे को छूपकर चलाते है।

Government cannot control Population. They can not enter the room with a set of legislative instructions. All claims and demands of Parliamentary legislation to control the population growth are absurd and impractical.